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व्यंग्य – देवलोक में डी ग्रेड 

सब आदमियों के पाप-पुण्य कर्मो का हिसाब लिखकर चित्रगुप्त ऑफिस का काम निपटा के मजे से घर पर सोया था कि उसके पास whatsapp पर सूचना आयी । 

इंद्रसभा के बजटसत्र में किसी देवता ने कोई प्रश्न पूछ लिया था और उसका जवाब तैयार करना था । आनन फानन में यमराज ने बुलवा लिया । यमराज खुद भी सकपकाये हुए थे, बोले,” यार चित्रगुप्त, नौकरी करना आजकल कठिन हो गया । ये whatsapp भी जी का जंजाल है, ये देवता लोगों को और कोई तो काम है, कोई न कोई आदेश भेजते रहते है और चैन नही लेने देते ।”

चित्रगुप्त बोले- सही कहा सर, पहले सरल था, मेरे पास एक पोथा था उसमें सब कुछ लिख लेता था, अब तो शिक्षा विभाग की तरह कभी वैकुण्ड लोक से कोई सूचना मांगी जाती है, कभी शिवलोक वाले कोई आंकड़ा पूछ लेते है, परेशान करके रख दिया है । जो आत्माएं यमलोक में आ रही है उसमें से sc कितने, st कितने, gen कितने, obc कितने, पुरुष कितने, महिलाये कितनी, यानी b, g, t छांटो । फिर age के हिसाब से छांटो । नारद ऋषि ने कहा है कि सारी आत्माओं का डाटा यमदर्शन और यमदर्पण पर upload और करवाओ…मन तो करता है रिजाइन कर दूँ ।” 

यमराज भी भावुक हो उठे, बोले- चित्रगुप्त नौकरी तो मैं भी छोड़ दूँ पर फिर मुझे मेरे बच्चों का ख्याल आता है, क्या खायेंगे, बेरोजगारी ज्यादा है, प्राइवेट नौकरी में कुछ रखा नही वरना राहुकेतु एंड कंपनी तो मुझे नियुक्ति देने को तैयार है, खैर छोड़ो, वो यमलोक के फोटो खींचकर साइट पर डलवा देना नही तो ब्रह्मलोक से स्पष्टीकरण आएगा । और बताओ पृथ्वी लोक के क्या हाल है?

चित्रगुप्त अब थोड़े मुस्कुराए, बोले- सर जो आत्माएं ताजा ताजा पृथ्वी से आ रही है वो अपडेट दे रही है कि पृथ्वी पर योगियों का राज हो गया है । नोटबन्दी के बाद काला धन तो खत्म हो ही गया था already, इसलिये सब कुशल मंगल है पृथ्वीलोक पर लेकिन स्वर्ग लोक में हड़कम्प मचा हुआ है ।

यमराज थोड़े टेंशन में आये- क्यों चित्रगुप्त? ऐसा क्या हुआ?

चित्रगुप्त ने यमलोक का पंखा थोड़ा तेज किया और बोले- “सर आपको तो पता ही है, स्वर्ग लोक में ग्रेडिंग सिस्टम लग गया है।

शिवपुत्र बाल गणेशा कि तो A ग्रेड आयी है लेकिन इंद्र के पुत्र जयंत और चंद्रदेव के पुत्र बुध, सूर्यपुत्र शनि आदि सभी बालकों की D ग्रेड आयी है । result खराब होने के कारण गुरु बृहस्पति के नाम नोटिस निकला है ।”

यमराज बोले – इस समस्या का क्या हल है चित्रगुप्त? 

चित्रगुप्त बोले-धर्मराज सर, रिटायरमेंट से पहले ही पृथ्वीलोक पर अभी 2 मास्टरों का देहांत हुआ है । उनकी आत्माओं को बुलाया है, दोनों हेडमास्टर थे लेकिन रिसल्ट 100% दिया हमेशा, मैंने दोनों को स्वर्ग के सरकारी स्कूल में कुछ दिन डेपुटेशन लगवाया था, अभी दोनों आते होंगे । 

The Academic Partner Bali
तभी पायजामा कुर्ते और गमछे चश्मे में दुबले पतले दो लोग आ पहुँचे । उनकी पूरी जिंदगी डाके बनाने में गुजरी थी, कार्बन कॉपी में हेडमास्टर की सील लगाकर तथ्यात्मक रिपोर्ट बनाकर लाये थे । 

उनमे से एक हेडमास्टर बोला- यहाँ भी वहीँ हाल है जो पृथ्वी लोक पर है । साल के बारह महीने दिन के चौबीस घण्टे पढाई से अलग वाले ही काम है, । यहाँ अग्नि देव पोषाहार प्रभारी है क्योंकि खाना उन्ही पर बनता है । वरुण देव स्वच्छता प्रभारी है, पानी की जरूरत पड़ती है, बृहस्पति जी हेडमास्टर की तरह डाके बनाने में बिजी रहते है, वायुदेव बीएलओ की तरह पूरे सातों लोकों में घुमते रहते है, कुबेर के पास कैशबुक का चार्ज है और वो लेनदेन में बिजी रहते है और बैंक के चक्कर काटते डोलते है । देवी सरस्वती पुस्तकालय प्रभारी है । चंद्रदेव मेहनती अध्यापक है लेकिन उनको प्रशिक्षणों में बुलवा लेते है तो वो महीने में 15 दिन दिखते नही…..”

यमराज और चित्रगुप्त दोनों एक साथ बोले- लेकिन पृथ्वी लोक पर तो तुम दोनों की तो हमेशा c ग्रेड आयी है । इतने कामों के बावजूद तो यहाँ भी वहीँ आईडिया बताओ न …

एक हेडमास्टर बोले- ,”अब यहाँ भी किसी की डी ग्रेड नही आएगी, हमने एक whatsapp ग्रुप बनाया है जिसका नाम है, “नोडल केंद्र देवलोक” उसमें सारे देव टीचर add कर लिए है और मैसेज वायरल कर दिया है कि तुम लोगों को पढ़ाने को तो मिलना नही । स्पष्टीकरण/नोटिस से बचना है तो ठीक ठीक नम्बर देना अपने अपने विषय में । ”

(अबकी बार किसी की डी नही आयी और ब्रह्मा विष्णु महेश भी सोच में पड़ गए है )

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