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 मुद्रा एवं बैंकिंग से जुड़े अहम तथ्य 

****1. भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक बैंक है

►– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

2. ‘इम्पीरियल बैंक’ पहले का नाम है

►– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ।

3. पूर्ण रूप से पहला भारतीय बैंक है

►– पंजाब नेशनल बैंक ।

4. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण हुआ

►– 1 जनवरी, 1949 ई. में ।

5. भारत का केंद्रीय बैंक है

►– रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)

6. भारत में राष्ट्रीयकृत बैंकों की कुल संख्या है ?

►– 19

7. एक्सिस बैंक लि. (UTI) का पंजीकृत कार्यालय है

►– अहमदाबाद में ।

8. भारत में औद्योगिक वित्त की शिखर संस्था है

►– भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI)

9. बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA)

विधेयक पारित हुआ

►– दिसंबर, 1999 ई. में ।

10. भारत में कुल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज हैं

►– 24

11. वह दर, जिस पर वाणिज्यिक बैंक RBI से

अल्पकालीन ऋण प्राप्त करते हैं, कहलाता है

►– रेपो दर ।

12. अल्पकालिक साख एवं दीर्घकालिन साख उपलब्ध

कराने वाला संगठन है

►– क्रमश: मुद्रा बाजार एवं पूंजी बाजार ।

13. भारत में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की सबसे

अधिक शाखाएं हैं

►– उत्तर प्रदेश में ।

14. बैंकों में ग्राहक सेवा सुधारने के लिए सुझाव देने

वाली समिति है

►– गोइपोरिया समिति ।

15. शेयर घोटाला की जांच के लिए गठित समिति

थी

►– जानकीरमन समिति ।

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16. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI)

की स्थापना हुई

►– अप्रैल, 1988 ई. में ।

17. ‘BSE-200’ शेयर मूल्य सूचकांक है

►– मुंबई (भारत) का ।

18. HDFC बैंक तथा IDBI बैंक का मुख्यालय है

►– क्रमश: मुंबई और इंदौर ।

19. ICICI बैंक तथा भारतीय रिजर्व बैंक का

मुख्यालय स्थित है

►– क्रमश: बड़ौदा तथा मुंबई में ।

20. ‘भारतीय पर्यटन वित्त निगम’ की

स्थापना की गई थी

►– 1989 ई. में ।

21. सहकारिता को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने

वाला भारत का राज्य है

►– आंध्र प्रदेश

22. भारत की सबसे बड़ी म्यूचल फंड

संस्था है

►– भारतीय यूनियन ट्रस्ट (UTI)

23. विनिवेश कमीशन (स्थापना-1996 ई.) के प्रथम

अध्यक्ष थे

►– जी वी रामकृष्णन ।

24. भारत में मनीऑर्डर प्रणाली

की शुरुआत की गई

►– 1980 ई. में ।

25. भारतीय रुपयों का अब तक अवमूल्यन हो चुका

है

►– तीन बार (1949, 1966 एवं 1991 ई. में )

26. एक रुपए का नोट तथा सिक्के का निर्गमन करता है

►– वित्त मंत्रालय (भारत सरकार )

27. करेंसी नोटों (5, 10, 20, 50, 100, 500 तथा

1000 रु.) का निर्गमन करता है

►– भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)

28. 20 रु., 100 रु., तथा 500 रु. के नोट छपते हैं

►– बैंक नोट प्रेस देवास में ।

29. 10 रु., 50रु., 100 रु., 500 रु., तथा 1000 रु. के नोट

छपते हैं

►– करेंसी नोट प्रेस नासिक में ।

30. भारत में सिक्का उत्पादन होता है

►– टकसाल में ।

31. ‘नास्डैक’ है

►– अमेरिकी शेयर बाजार ।

32. भारत का पहला मोबाइल बैंक (लक्ष्मी

वाहिनी बैंक) स्थित है

– खरगोन (मध्यप्रदेश) में ।

33. भारत में पहला तैरता हुआ ATM कोच्ची में खोला

गया है

– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ।

34. राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज(NIFTI)

की स्थापना की संस्तुति 1991 ई. में

की थी

►– ‘फेरवानी समिति’ ।

35. शेयर होल्डरों के स्टॉक पर हुई कमाई को कहते हैं

►– लाभांश ।

36. ‘बैंको का बैंक’ कहा जाता है

►– रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को ।

37. मुद्रा स्फीति में सबसे अधिक लाभ होता है

►– लेनदान को ।

38. भारत में शेयर बाजार का मुख्य नियंत्रक है

►– SEBI (सेबी)

39. भारतीय यूनियन ट्रस्ट (UTI) का 30 जुलाई

2007 से नाम बदलकर रखा गया है

►– एक्सिस बैंक लिमिटेड ।

40. भारत सरकार ने सबसे पहले 14 बड़े व्यापारिका बैंकों का

राष्ट्रीयकरण किया

►– 18 जुलाई 1969 ई. ।

41. सरकार ने पुन: 6 बड़े व्यापारिक बैंकों का

राष्ट्रीयकरण किया

►– 15 अप्रैल 1980 ई. को ।

42. ‘न्यू बैंक ऑफ इंडिया’ का पंजाब नेशनल बैंक का विलय हुआ

►– 4 सितंबर 1993 ई. को ।

43. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मुद्रा विनिमय दर निश्चित

की जाती है

►– मुद्रा आपूर्ति और मांग द्वारा ।

44. भारत में सबसे पहले पत्र-मु्द्रा का चलन हुआ था

►– 1806 ई. में ।

45. भारत के सार्वजनिक ऋण प्रचालनों को संचालित करता है

►– RBI

46. अर्थशास्त्र में निवेश का मतलब क्या है

►– शेयरों की खरीदारी ।

47. ऐसा ऋण जो बट्टे पर दिया जाता है और सममूल्य पर

प्रतिदेय हो, कहलाता है

►– शून्य कूपन बॉण्ड ।

48. भारत में अपनी शाखा खोलने वाला पहला

रूसी बैंक है

►– इन्कम बैंक ऑफ रसिया ।

49. न्यूयार्क में स्थित सटॉक एक्सचेंज का नाम है

►– वॉल स्ट्रीट ।

50. विश्व बैंक की आसान ऋण प्रदाता संस्था है

►– इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन ।

51. 10 रु. के नोट पर हस्ताक्षर होता है

►– RBI के गवर्नर का

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भारतीय संविधान के प्रमुख अनुच्छेद

*अनुच्छेद 1* :- संघ का नाम औ

राज्य क्षेत्र*अनुच्छेद 2* :- नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

*अनुच्छेद 3* :- राज्य का निर्माण तथा सीमाओं या नामों मे

परिवर्तन

*अनुच्छेद 4* :- पहली अनुसूचित व चौथी अनुसूची के संशोधन तथा

दो और तीन के अधिन बनाई गई विधियां

*अच्नुछेद 5* :- संविधान के प्रारं पर नागरिकता

*अनुच्छेद 6* :- भारत आने वाले व्यक्तियों को नागरिकता

*अनुच्छेद 7* :-पाकिस्तान जाने वालों को नागरिकता

*अनुच्छेद 8* :- भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों का नागरिकता

*अनुच्छेद 9* :- विदेशी राज्य की नागरिकता लेने पर भारत का

नागरिक ना होना

*अनुच्छेद 10* :- नागरिकता क अधिकारों का बना रहना

*

*अनुच्छेद 11* :- संसद द्वारा नागरिकता के लिए कानून का विनियमन

*अनुच्छेद 12* :- राज्य की परिभाषा

*अनुच्छेद 13* :- मूल अधिकारों को असंगत या अल्पीकरण करने वाली विधियां

*अनुच्छेद 14* :- विधि के समक्ष समानता

*अनुच्छेद 15* :- धर्म जाति लिंग पर भेद का प्रतिशेध

*अनुच्छेद 16* :- लोक नियोजन में अवसर की समानता

*अनुच्छेद 17* :- अस्पृश्यता का अंत

*अनुच्छेद 18* :- उपाधीयों का अंत

*अनुच्छेद 19* :- वाक् की स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 20* :- अपराधों के दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण

**

*अनुच्छेद 21* :-प्राण और दैहिक स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 21 क* :- 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार

*अनुच्छेद 22* :- कुछ दशाओं में गिरफ्तारी से सरंक्षण

*अनुच्छेद 23* :- मानव के दुर्व्यापार और बाल आश्रम

*अनुच्छेद 24* :- कारखानों में बालक का नियोजन का प्रतिशत

*अनुच्छेद 25* :- धर्म का आचरण और प्रचार की स्वतंत्रता

**

*अनुच्छेद 26* :-धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 29* :- अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण

*अनुच्छेद 30* :- शिक्षा संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने

का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार

*अनुच्छेद 32* :- अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार

*अनुच्छेद 36* :- परिभाषा

*अनुच्छेद 40* :- ग्राम पंचायतों का संगठन

*अनुच्छेद 48* :- कृषि और पशुपालन संगठन

*अनुच्छेद 48क* :- पर्यावरण वन तथा वन्य जीवों की रक्षा

*अनुच्छेद 49:-* राष्ट्रीय स्मारक स्थानों और वस्तुओं का संरक्षण

*अनुछेद. 50* :- कार्यपालिका से न्यायपालिका का प्रथक्करण

*अनुच्छेद 51* :- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा

*अनुच्छेद 51क* :- मूल कर्तव्य

*अनुच्छेद 52* :- भारत का राष्ट्रपति

*अनुच्छेद 53* :- संघ की कार्यपालिका शक्ति

*अनुच्छेद 54* :- राष्ट्रपति का निर्वाचन

*अनुच्छेद 55* :- राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीती

*अनुच्छेद 56* :- राष्ट्रपति की पदावधि

*अनुच्छेद 57* :- पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता

*अनुच्छेद 58* :- राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए आहर्ताए

*अनुच्छेद 59* :- राष्ट्रपति पद के लिए शर्ते

*अनुच्छेद 60* :- राष्ट्रपति की शपथ

*अनुच्छेद 61* :- राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया

*अनुच्छेद 62* :- राष्ट्रपति पद पर व्यक्ति को भरने के लिए निर्वाचन का समय और रीतियां

*अनुच्छेद 63* :- भारत का उपराष्ट्रपति

*अनुच्छेद 64* :- उपराष्ट्रपति का राज्यसभा का पदेन सभापति होना

*अनुच्छेद 65* :- राष्ट्रपति के पद की रिक्त पर उप राष्ट्रपति के कार्य

*अनुच्छेद 66* :- उप-राष्ट्रपति का निर्वाचन

*अनुच्छेद 67* :- उपराष्ट्रपति की पदावधि

*अनुच्छेद 68* :- उप राष्ट्रपति के पद की रिक्त पद भरने के लिए निर्वाचन

*अनुच्छेद69* :- उप राष्ट्रपति द्वारा शपथ

**

*अनुच्छेद 70* :- अन्य आकस्मिकता में राष्ट्रपति के कर्तव्यों का निर्वहन

*अनुच्छेद 71*. :- राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन संबंधित

विषय

*अनुच्छेद 72* :-क्षमादान की शक्ति

*अनुच्छेद 73* :- संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार

*अनुच्छेद 74* :- राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद

*अनुच्छेद 75* :- मंत्रियों के बारे में उपबंध

*अनुच्छेद 76* :- भारत का महान्यायवादी

*अनुच्छेद 77* :- भारत सरकार के कार्य का संचालन

*अनुच्छेद 78* :- राष्ट्रपति को जानकारी देने के प्रधानमंत्री के

कर्तव्य

*अनुच्छेद 79* :- संसद का गठन

*अनुच्छेद 80* :- राज्य सभा की सरंचना

**

*अनुच्छेद 81* :- लोकसभा की संरचना

*अनुच्छेद 83* :- संसद के सदनो की अवधि

*अनुच्छेद 84* :-संसद के सदस्यों के लिए अहर्ता

*अनुच्छेद 85* :- संसद का सत्र सत्रावसान और विघटन

*अनुच्छेद 87* :- राष्ट्रपति का विशेष अभी भाषण

*अनुच्छेद 88* :- सदनों के बारे में मंत्रियों और महानयायवादी

अधिकार

*अनुच्छेद

89* :-राज्यसभा का सभापति और उपसभापति

*अनुच्छेद 90* :- उपसभापति का पद रिक्त होना या पद हटाया

जाना

*अनुच्छेद 91* :-सभापति के कर्तव्यों का पालन और शक्ति

*अनुच्छेद 92* :- सभापति या उपसभापति को पद से हटाने का

संकल्प विचाराधीन हो तब उसका पीठासीन ना होना

*अनुच्छेद 93* :- लोकसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष

*अनुचित 94* :- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना

*अनुच्छेद 95* :- अध्यक्ष में कर्तव्य एवं शक्तियां

*अनुच्छेद 96* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का संकल्प हो तब

उसका पीठासीन ना होना

*अनुच्छेद 97* :- सभापति उपसभापति तथा अध्यक्ष,उपाध्यक्ष के

वेतन और भत्ते

*अनुच्छेद 98* :- संसद का सविचालय

*अनुच्छेद 99* :- सदस्य द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

*अनुच्छेद 100* – संसाधनों में मतदान रिक्तियां के होते हुए भी

सदनों के कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

*अनुच्छेद 108* :- कुछ दशाओं में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक

*अनुत्छेद 109* :- धन विधेयक के संबंध में विशेष प्रक्रिया

*अनुच्छेद 110* :- धन विधायक की परिभाषा

*अनुच्छेद 111* :- विधेयकों पर अनुमति

*अनुच्छेद 112* :- वार्षिक वित्तीय विवरण

*अनुच्छेद 118* :- प्रक्रिया के नियम

*अनुच्छेद 120* :- संसद में प्रयोग की जाने वाली भाषा

*अनुच्छेद 123* :- संसद विश्रांति काल में राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति

*अनुच्छेद 124* :- उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन

*अनुच्छेद 125* :- न्यायाधीशों का वेतन

*अनुच्छेद 126* :- कार्य कार्य मुख्य न्याय मूर्ति की नियुक्ति

*अनुच्छेद 127* :- तदर्थ न्यायमूर्तियों की नियुक्ति

*अनुच्छेद 128* :- सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति

*अनुच्छेद 129* :- उच्चतम न्यायालय का अभिलेख नयायालय होना

*अनुच्छेद 130* :- उच्चतम न्यायालय का स्थान

**

*अनुच्छेद 131* :- उच्चतम न्यायालय की आरंभिक अधिकारिता

*अनुच्छेद 137* :- निर्णय एवं आदेशों का पुनर्विलोकन

*अनुच्छेद 143* :- उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की

राष्ट्रपति की शक्ति

*अनुच्छेद144* :-सिविल एवं न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा

उच्चतम न्यायालय की सहायता

*अनुच्छेद 148* :- भारत का नियंत्रक महालेखा परीक्षक

*अनुच्छेद 149* :- नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्तव्य शक्तिया

*अनुच्छेद 150* :- संघ के राज्यों के लेखन का प्रारूप

*अनुच्छेद 153* :- राज्यों के राज्यपाल

*अनुच्छेद 154* :- राज्य की कार्यपालिका शक्ति

*अनुच्छेद 155* :- राज्यपाल की नियुक्ति

*अनुच्छेद 156* :- राज्यपाल की पदावधि

*अनुच्छेद 157* :- राज्यपाल नियुक्त होने की अर्हताएँ

*अनुच्छेद 158* :- राज्यपाल के पद के लिए शर्तें

*अनुच्छेद 159* :- राज्यपाल द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

*अनुच्छेद 163* :- राज्यपाल को सलाह देने के लिए मंत्री परिषद

*अनुच्छेद 164* :- मंत्रियों के बारे में अन्य उपबंध

*अनुच्छेद 165* :- राज्य का महाधिवक्ता

*अनुच्छेद 166* :- राज्य सरकार का संचालन

*अनुच्छेद 167* :- राज्यपाल को जानकारी देने के संबंध में मुख्यमंत्री के कर्तव्य

*अनुच्छेद 168* :- राज्य के विधान मंडल का गठन

*अनुच्छेद 170* :- विधानसभाओं की संरचना

*अनुच्छेद 171* :- विधान परिषद की संरचना

*अनुच्छेद 172* :- राज्यों के विधानमंडल कि अवधी

*अनुच्छेद 176* :- राज्यपाल का विशेष अभिभाषण

*अनुच्छेद 177* सदनों के बारे में मंत्रियों और महाधिवक्ता के अधिकार

*अनुच्छेद 178* :- विधानसभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष

*अनुच्छेद 179* :- अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का पद रिक्त होना या

पद से हटाया जाना

*अनुच्छेद 180* :- अध्यक्ष के पदों के कार्य व शक्ति

**

*अनुच्छेद 181* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष को पद से हटाने का कोई

संकल्प पारित होने पर उसका पिठासिन ना होना

*अनुच्छेद 182* :- विधान परिषद का सभापति और उपसभापति

*अनुच्छेद 183* :- सभापति और उपासभापति का पद रिक्त होना

पद त्याग या पद से हटाया जाना

*अनुच्छेद 184* :- सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन व शक्ति

*अनुच्छेद 185* :- संभापति उपसभापति को पद से हटाए जाने का

संकल्प विचाराधीन होने पर उसका पीठासीन ना होना

*अनुच्छेद 186* :- अध्यक्ष उपाध्यक्ष सभापति और उपसभापति

के वेतन और भत्ते

*अनुच्छेद 187* :- राज्य के विधान मंडल का सविचाल.

*अनुच्छेद 188* :- सदस्यों द्वारा शपथ या प्रतिज्ञान

*अनुच्छेद 189* :- सदनों में मतदान रिक्तियां होते हुए भी साधनों का कार्य करने की शक्ति और गणपूर्ति

*अनुच्छेद 199* :- धन विदेश की परिभाषा

*अनुच्छेद 200* :- विधायकों पर अनुमति

*अनुच्छेद 202* :- वार्षिक वित्तीय विवरण

*अनुच्छेद 213* :- विध

ानमंडल में अध्यादेश सत्यापित करने के

राज्यपाल की शक्ति

*अनुच्छेद 214* :- राज्यों के लिए उच्च न्यायालय

*अनुच्छेद 215* :- उच्च न्यायालयों का अभिलेख न्यायालय होना

*अनुच्छेद 216* :- उच्च न्यायालय का गठन

*अनुच्छेद 217* :- उच्च न्यायालय न्यायाधीश की नियुक्ति

पद्धति शर्तें

*अनुच्छेद 221* :- न्यायाधीशों का वेतन

**

*अनुच्छेद 222* :- एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय में

न्यायाधीशों का अंतरण

*अनुच्छेद 223* :- कार्यकारी मुख्य न्याय मूर्ति के नियुक्ति

*अनुच्छेद 224* :- अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति

*अनुच्छेद 226* :- कुछ रिट निकालने के लिए उच्च न्यायालय की शक्ति

*अनुच्छेद 231* :- दो या अधिक राज्यों के लिए एक ही उच्च न्यायालय की स्थापना

*अनुच्छेद 233* :- जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति

*अनुच्छेद 241* :- संघ राज्य क्षेत्र के लिए उच्च-न्यायालय

**

*अनुच्छेद 243* :- पंचायत नगर पालिकाएं एवं सहकारी समितियां

*अनुच्छेद 244* :- अनुसूचित क्षेत्रो व जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन

*अनुच्छेद 248* :- अवशिष्ट विधाई शक्तियां

*अनुच्छेद 252* :- दो या अधिक राज्य के लिए सहमति से विधि बनाने की संसद की शक्ति

*अनुच्छेद 254* :- संसद द्वारा बनाई गई विधियों और राज्यों के विधान मंडल द्वारा बनाए गए विधियों में असंगति

*अनुच्छेद 256* :- राज्यों की और संघ की बाध्यता

*अनुच्छेद 257* :- कुछ दशाओं में राज्यों पर संघ का नियंत्रण

*अनुच्छेद 262* :- अंतर्राज्यक नदियों या नदी दूनों के जल संबंधी

विवादों का न्याय निर्णय

*अनुच्छेद 263* :- अंतर्राज्यीय विकास परिषद का गठन

*अनुच्छेद 266* :- संचित निधी

*अनुच्छेद 267* :- आकस्मिकता निधि

*अनुच्छेद 269* :- संघ द्वारा उद्ग्रहित और संग्रहित किंतु राज्यों

को सौपे जाने वाले कर

*अनुच्छेद 270* :- संघ द्वारा इकट्ठे किए कर संघ और राज्यों के

बीच वितरित किए जाने वाले कर

*अनुच्छेद 280* :- वित्त आयोग

*अनुच्छेद 281* :- वित्त आयोग की सिफारिशे

*अनुच्छेद 292* :- भारत सरकार द्वारा उधार लेना

*अनुच्छेद 293* :- राज्य द्वारा उधार लेना

&अनुच्छेद 300 क* :- संपत्ति का अधिकार

*अनुच्छेद 301* :- व्यापार वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता

*अनुच्छेद 309* :- राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की भर्ती और सेवा की शर्तों

*अनुच्छेद 310* :- संघ या राज्य की सेवा करने वाले व्यक्तियों की पदावधि

*अनुच्छेद 313* :- संक्रमण कालीन उपबंध

*अनुच्छेद 315* :- संघ राज्य के लिए लोक सेवा आयोग

*अनुच्छेद 316* :- सदस्यों की नियुक्ति एवं पदावधि

*अनुच्छेद 317* :- लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को हटाया

जाना या निलंबित किया जाना

*अनुच्छेद 320* :- लोकसेवा आयोग के कृत्य

*अनुच्छेद 323 क* :- प्रशासनिक अधिकरण

*अनुच्छेद 323 ख* :- अन्य विषयों के लिए अधिकरण

*अनुच्छेद 324* :- निर्वाचनो के अधिक्षण निर्देशन और नियंत्रण का निर्वाचन आयोग में निहित होना

*अनुच्छेद 329* :- निर्वाचन संबंधी मामलों में न्यायालय के

हस्तक्षेप का वर्णन

*अनुछेद 330* :- लोक सभा में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिये स्थानो का आरणण

*अनुच्छेद 331* :- लोक सभा में आंग्ल भारतीय समुदाय का

प्रतिनिधित्व

*अनुच्छेद 332* :- राज्य के विधान सभा में अनुसूचित जाति और

अनुसूचित जनजातियों के लिए स्थानों का आरक्षण

*अनुच्छेद 333* :- राज्य की विधानसभा में आंग्ल भारतीय

समुदाय का प्रतिनिधित्व

*अनुच्छेद 343* :- संघ की परिभाषा

*अनुच्छेद 344* :- राजभाषा के संबंध में आयोग और संसद की समिति

*अनुच्छेद 350 क* :- प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की

सुविधाएं

*अनुच्छेद 351* :- हिंदी भाषा के विकास के लिए निर्देश

*अनुच्छेद 352* :- आपात की उदघोषणा का प्रभाव

*अनुछेद 356* :- राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की

दशा में उपबंध

*अनुच्छेद 360* :- वित्तीय आपात के बारे में उपबंध

*अनुच्छेद 368* :- सविधान का संशोधन करने की संसद की

शक्ति और उसकी प्रक्रिया

*अनुच्छेद 377* :- भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक के बारे में

*उपबंध*

*अनुच्छेद 378* :- लोक सेवा आयोग के बारे में

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पीथल – पाथल : कन्हैयालाल सेठिया

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अरै घास री रोटी ही, जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो।
नान्हो सो अमर्यो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुख जाग्यो।
हूं लड्यो घणो हूं सह्यो घणो, मेवाड़ी मान बचावण नै,
हूं पाछ नहीं राखी रण में, बैर्यां री खात खिडावण में,
जद याद करूँ हळदी घाटी नैणां में रगत उतर आवै,
सुख दुख रो साथी चेतकड़ो सूती सी हूक जगा ज्यावै,
पण आज बिलखतो देखूं हूँ, जद राज कंवर नै रोटी नै,
तो क्षात्र-धरम नै भूलूं हूँ, भूलूं हिंदवाणी चोटी नै

मैं’लां में छप्पन भोग जका मनवार बिनां करता कोनी,
सोनै री थाल्यां नीलम रै बाजोट बिनां धरता कोनी,
ऐ हाय जका करता पगल्या, फूलां री कंवळी सेजां पर,
बै आज रुळै भूखा तिसिया, हिंदवाणै सूरज रा टाबर,
आ सोच हुई दो टूक तड़क राणा री भीम बजर छाती,
आंख्यां में आंसू भर बोल्या मैं लिख स्यूं अकबर नै पाती,
पण लिखूं कियां जद देखै है आडावळ ऊंचो हियो लियां,
चितौड़ खड्यो है मगरां में विकराळ भूत सी लियां छियां,

मैं झुकूं कियां ? है आण मनैं कुळ रा केसरिया बानां री,
मैं बुझूं कियां ? हूं सेस लपट आजादी रै परवानां री,
पण फेर अमर री सुण बुसक्यां राणा रो हिवड़ो भर आयो,
मैं मानूं हूँ दिल्लीस तनैं समराट् सनेषो कैवायो।
राणा रो कागद बांच हुयो अकबर रो’ सपनूं सो सांचो,
पण नैण कर्यो बिसवास नहीं जद बांच नै फिर बांच्यो,
कै आज हिंमाळो पिघळ बह्यो, कै आज हुयो सूरज सीतळ,
कै आज सेस रो सिर डोल्यो, आ सोच हुयो समराट् विकळ,

बस दूत इसारो पा भाज्यो पीथळ नै तुरत बुलावण नै,
किरणां रो पीथळ आ पूग्यो ओ सांचो भरम मिटावण नै,
बीं वीर बांकुड़ै पीथळ नै, रजपूती गौरव भारी हो,
बो क्षात्र धरम रो नेमी हो, राणा रो प्रेम पुजारी हो,
बैर्यां रै मन रो कांटो हो बीकाणूँ पूत खरारो हो,
राठौड़ रणां में रातो हो बस सागी तेज दुधारो हो,
आ बात पातस्या जाणै हो, धावां पर लूण लगावण नै,

पीथळ नै तुरत बुलायो हो, राणा री हार बंचावण नै,
म्है बाँध लियो है पीथळ सुण पिंजरै में जंगळी शेर पकड़,
ओ देख हाथ रो कागद है तूं देखां फिरसी कियां अकड़ ?
मर डूब चळू भर पाणी में, बस झूठा गाल बजावै हो,
पण टूट गयो बीं राणा रो, तूं भाट बण्यो बिड़दावै हो,
मैं आज पातस्या धरती रो मेवाड़ी पाग पगां में है,
अब बता मनै किण रजवट रै रजपती खून रगां में है ?
जंद पीथळ कागद ले देखी, राणा री सागी सैनाणी,

नीचै स्यूं धरती खसक गई, आंख्यां में आयो भर पाणी,
पण फेर कही ततकाळ संभळ आ बात सफा ही झूठी है,
राणा री पाघ सदा ऊँची राणा री आण अटूटी है।
ल्यो हुकम हुवै तो लिख पूछूं, राणा नै कागद रै खातर,
लै पूछ भलांई पीथळ तूं, आ बात सही बोल्यो अकबर,

म्हे आज सुणी है नाहरियो, स्याळां रै सागै सोवै लो,
म्हे आज सुणी है सूरजड़ो, बादळ री ओटां खोवैलो;
म्हे आज सुणी है चातगड़ो, धरती रो पाणी पीवै लो,
म्हे आज सुणी है हाथीड़ो, कूकर री जूणां जीवै लो
म्हे आज सुणी है थकां खसम, अब रांड हुवैली रजपूती,
म्हे आज सुणी है म्यानां में, तरवार रवैली अब सूती,
तो म्हांरो हिवड़ो कांपै है मूंछ्यां री मोड़ मरोड़ गई,
पीथळ नै राणा लिख भेज्यो आ बात कठै तक गिणां सही ?

पीथळ रा आखर पढ़तां ही, राणा री आँख्यां लाल हुई,
धिक्कार मनै हूँ कायर हूँ, नाहर री एक दकाल हुई,
हूँ भूख मरूं हूँ प्यास मरूं, मेवाड़ धरा आजाद रवै
हूँ घोर उजाड़ां में भटकूं, पण मन में मां री याद रवै,
हूँ रजपूतण रो जायो हूं रजपूती करज चुकाऊंला,
ओ सीस पड़ै पण पाघ नही दिल्ली रो मान झुकाऊंला,

पीथळ के खिमता बादल री, जो रोकै सूर उगाळी नै,
सिंघां री हाथळ सह लेवै, बा कूख मिली कद स्याळी नै?
धरती रो पाणी पिवै इसी, चातग री चूंच बणी कोनी,
कूकर री जूणां जिवै इसी, हाथी री बात सुणी कोनी,
आं हाथां में तलवार थकां, कुण रांड़ कवै है रजपूती ?
म्यानां रै बदळै बैर्यां री, छात्याँ में रैवैली सूती,
मेवाड़ धधकतो अंगारो आंध्यां में चमचम चमकै लो,
कड़खै री उठती तानां पर पग पग पर खांडो खड़कैलो,
राखो थे मूंछ्याँ ऐंठ्योड़ी, लोही री नदी बहा द्यूंला,
हूँ अथक लडूंला अकबर स्यूँ, उजड्यो मेवाड़ बसा द्यूंला,
जद राणा रो संदेष गयो पीथळ री छाती दूणी ही,
हिंदवाणों सूरज चमकै हो अकबर री दुनियां सूनी ही।

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प्रमुख रचनाकार एवम् उनके उपनाम

प्रमुख उपनाम

1 वाल्मीक़ि – आदिकवि

2 स्वयंभू – अपभ्रंश का वाल्मीकि

3 सैयद इब्राहिम – रसखान

4 तुलसीदास – मानस का हंस / लोकनायक

5 केशवदास – कठिन काव्य का प्रेत

6 घनानंद – प्रेम की पीर का कवि

7 सदासुख लाल – नियाज़

8 बद्रीनारायण – प्रेमघन

9 भारतेन्दू – हिंदी नवजागरण का अग्रदूत

10 महादेवी वर्मा – आधुनिक युग की मीरा

11 पन्त – प्रकृति का सुकुमार कवि

12 माखन लाल -एक भारतीय आत्मा

13 गया प्रसाद शुक्ल – स्नेही/ त्रिशूल/तरंगी/अलमस्त

14 राजा शिवप्रसाद – सितारे हिन्द

15 सूर्यकान्त त्रिपाठी – निराला / महाप्राण

The Anonymous Classes, Bali

16 गोपाल शरण- नेपाली

17 हरिवंश राय – हालावादी/निराशावादी

18 सच्चिदानंद – अज्ञेय/ कठिन गद्य का प्रेत

19 उपेन्द्रनाथ – अश्क

20 पाण्डेय बेचन- उग्र

21 भवानी प्रसाद – कविता का गांधी

22 सियारामशरण – हिंदी साहित्य का बापू

23 प्रेमचन्द – कहानी सम्राट/ जीवनी कलम का सिपाही/ कलम का मजदूर / भारत का मेक्सिगोर्क

24 विद्यापति – मैथिल कोकिल/अभिनव जयदेव/कवि शेखर/ सरस कवि/ खेलन कवि/ कवि रंजन

25 सूरदास – पुष्टि मार्ग का जहाज/ अष्टछाप का जहाज/ वात्सल्य रस का सम्राट/ खंजन नयन

Career Aim Aim Career

26 जगन्नाथ दास – रत्नाकर और “जकी ” उपनाम से उर्दू में लिखते थे!!