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थोड़ा समय लगेगा लेकिन पढ़ना जरूर, आंसू आ जाए तो जान लेना आपकी भावनाएं जीवित हैं ….
बात बहुत पुरानी है।
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आठ-दस साल पहले की है ।
मैं अपने एक मित्र का पासपोर्ट बनवाने के लिए दिल्ली के पासपोर्ट ऑफिस गया था।

उन दिनों इंटरनेट पर फार्म भरने की सुविधा नहीं थी। पासपोर्ट दफ्तर में दलालों का बोलबाला था
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और खुलेआम दलाल पैसे लेकर पासपोर्ट के फार्म बेचने से लेकर उसे भरवाने, जमा करवाने और पासपोर्ट बनवाने का काम करते थे।

मेरे मित्र को किसी कारण से पासपोर्ट की जल्दी थी, लेकिन दलालों के दलदल में फंसना नहीं चाहते थे।

हम पासपोर्ट दफ्तर पहुंच गए, लाइन में लग कर हमने पासपोर्ट का तत्काल फार्म भी ले लिया।
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पूरा फार्म भर लिया। इस चक्कर में कई घंटे निकल चुके थे, और अब हमें िकसी तरह पासपोर्ट की फीस जमा करानी थी।

हम लाइन में खड़े हुए लेकिन जैसे ही हमारा नंबर आया बाबू ने खिड़की बंद कर दी और कहा कि समय खत्म हो चुका है अब कल आइएगा।

मैंने उससे मिन्नतें की, उससे कहा कि आज पूरा दिन हमने खर्च किया है और बस अब केवल फीस जमा कराने की बात रह गई है, कृपया फीस ले लीजिए।

बाबू बिगड़ गया। कहने लगा, “आपने पूरा दिन खर्च कर दिया तो उसके लिए वो जिम्मेदार है क्या? अरे सरकार ज्यादा लोगों को बहाल करे। मैं तो सुबह से अपना काम ही कर रहा हूं।”

मैने बहुत अनुरोध किया पर वो नहीं माना। उसने कहा कि बस दो बजे तक का समय होता है, दो बज गए। अब कुछ नहीं हो सकता।

मैं समझ रहा था कि सुबह से दलालों का काम वो कर रहा था, लेकिन जैसे ही बिना दलाल वाला काम आया उसने बहाने शुरू कर दिए हैं।
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पर हम भी अड़े हुए थे कि बिना अपने पद का इस्तेमाल किए और बिना उपर से पैसे खिलाए इस काम को अंजाम देना है।

मैं ये भी समझ गया था कि अब कल अगर आए तो कल का भी पूरा दिन निकल ही जाएगा, क्योंकि दलाल हर खिड़की को घेर कर खड़े रहते हैं, और आम आदमी वहां तक पहुंचने में बिलबिला उठता है।

खैर, मेरा मित्र बहुत मायूस हुआ और उसने कहा कि चलो अब कल आएंगे।

मैंने उसे रोका। कहा कि रुको एक और कोशिश करता हूं।

बाबू अपना थैला लेकर उठ चुका था। मैंने कुछ कहा नहीं, चुपचाप उसके-पीछे हो लिया। वो उसी दफ्तर में तीसरी या चौथी मंजिल पर बनी एक कैंटीन में गया, वहां उसने अपने थैले से लंच बॉक्स निकाला और धीरे-धीरे अकेला खाने लगा।

मैं उसके सामने की बेंच पर जाकर बैठ गया। उसने मेरी ओर देखा और बुरा सा मुंह बनाया। मैं उसकी ओर देख कर मुस्कुराया। उससे मैंने पूछा कि रोज घर से खाना लाते हो?

उसने अनमने से कहा कि हां, रोज घर से लाता हूं।

मैंने कहा कि तुम्हारे पास तो बहुत काम है, रोज बहुत से नए-नए लोगों से मिलते होगे?

वो पता नहीं क्या समझा और कहने लगा कि हां मैं तो एक से एक बड़े अधिकारियों से मिलता हूं।

कई आईएएस, आईपीएस, विधायक और न जाने कौन-कौन रोज यहां आते हैं। मेरी कुर्सी के सामने बड़े-बड़े लोग इंतजार करते हैं।

मैंने बहुत गौर से देखा, ऐसा कहते हुए उसके चेहरे पर अहं का भाव था।

मैं चुपचाप उसे सुनता रहा।

फिर मैंने उससे पूछा कि एक रोटी तुम्हारी प्लेट से मैं भी खा लूं? वो समझ नहीं पाया कि मैं क्या कह रहा हूं। उसने बस हां में सिर हिला दिया।

मैंने एक रोटी उसकी प्लेट से उठा ली, और सब्जी के साथ खाने लगा।

वो चुपचाप मुझे देखता रहा। मैंने उसके खाने की तारीफ की, और कहा कि तुम्हारी पत्नी बहुत ही स्वादिष्ट खाना पकाती है।

वो चुप रहा।

मैंने फिर उसे कुरेदा। तुम बहुत महत्वपूर्ण सीट पर बैठे हो। बड़े-बड़े लोग तुम्हारे पास आते हैं। तो क्या तुम अपनी कुर्सी की इज्जत करते हो?

अब वो चौंका। उसने मेरी ओर देख कर पूछा कि इज्जत? मतलब?

मैंने कहा कि तुम बहुत भाग्यशाली हो, तुम्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है, तुम न जाने कितने बड़े-बड़े अफसरों से डील करते हो, लेकिन तुम अपने पद की इज्जत नहीं करते।

उसने मुझसे पूछा कि ऐसा कैसे कहा आपने? मैंने कहा कि जो काम दिया गया है उसकी इज्जत करते तो तुम इस तरह रुखे व्यवहार वाले नहीं होते।

देखो तुम्हारा कोई दोस्त भी नहीं है। तुम दफ्तर की कैंटीन में अकेले खाना खाते हो, अपनी कुर्सी पर भी मायूस होकर बैठे रहते हो,
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लोगों का होता हुआ काम पूरा करने की जगह अटकाने की कोशिश करते हो।

मान लो कोई एकदम दो बजे ही तुम्हारे काउंटर पर पहुंचा तो तुमने इस बात का लिहाज तक नहीं किया कि वो सुबह से लाइऩ में खड़ा रहा होगा,

और तुमने फटाक से खिड़की बंद कर दी। जब मैंने तुमसे अनुरोध किया तो तुमने कहा कि सरकार से कहो कि ज्यादा लोगों को बहाल करे।

मान लो मैं सरकार से कह कर और लोग बहाल करा लूं, तो तुम्हारी अहमियत घट नहीं जाएगी?
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हो सकता है तुमसे ये काम ही ले लिया जाए। फिर तुम कैसे आईएएस, आईपीए और विधायकों से मिलोगे?

भगवान ने तुम्हें मौका दिया है रिश्ते बनाने के लिए। लेकिन अपना दुर्भाग्य देखो, तुम इसका लाभ उठाने की जगह रिश्ते बिगाड़ रहे हो।

मेरा क्या है, कल भी आ जाउंगा, परसों भी आ जाउंगा। ऐसा तो है नहीं कि आज नहीं काम हुआ तो कभी नहीं होगा। तुम नहीं करोगे कोई और बाबू कल करेगा।

पर तुम्हारे पास तो मौका था किसी को अपना अहसानमंद बनाने का। तुम उससे चूक गए।

वो खाना छोड़ कर मेरी बातें सुनने लगा था।

मैंने कहा कि पैसे तो बहुत कमा लोगे, लेकिन रिश्ते नहीं कमाए तो सब बेकार है।
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क्या करोगे पैसों का? अपना व्यवहार ठीक नहीं रखोगे तो तुम्हारे घर वाले भी तुमसे दुखी रहेंगे। यार दोस्त तो नहीं हैं,

ये तो मैं देख ही चुका हूं। मुझे देखो, अपने दफ्तर में कभी अकेला खाना नहीं खाता।

यहां भी भूख लगी तो तुम्हारे साथ खाना खाने आ गया। अरे अकेला खाना भी कोई ज़िंदगी है?

मेरी बात सुन कर वो रुंआसा हो गया। उसने कहा कि आपने बात सही कही है साहब। मैं अकेला हूं। पत्नी झगड़ा कर मायके चली गई है।
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बच्चे भी मुझे पसंद नहीं करते। मां है, वो भी कुछ ज्यादा बात नहीं करती। सुबह चार-पांच रोटी बना कर दे देती है, और मैं तनहा खाना खाता हूं।
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रात में घर जाने का भी मन नहीं करता। समझ में नहींं आता कि गड़बड़ी कहां है?

मैंने हौले से कहा कि खुद को लोगों से जोड़ो। किसी की मदद कर सकते तो तो करो।
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देखो मैं यहां अपने दोस्त के पासपोर्ट के लिए आया हूं। मेरे पास तो पासपोर्ट है।

मैंने दोस्त की खातिर तुम्हारी मिन्नतें कीं। निस्वार्थ भाव से। इसलिए मेरे पास दोस्त हैं, तुम्हारे पास नहीं हैं।

वो उठा और उसने मुझसे कहा कि आप मेरी खिड़की पर पहुंचो। मैं आज ही फार्म जमा करुंगा।

मैं नीचे गया, उसने फार्म जमा कर लिया, फीस ले ली। और हफ्ते भर में पासपोर्ट बन गया।

बाबू ने मुझसे मेरा नंबर मांगा, मैंने अपना मोबाइल नंबर उसे दे दिया और चला आया।

कल दिवाली पर मेरे पास बहुत से फोन आए। मैंने करीब-करीब सारे नंबर उठाए। सबको हैप्पी दिवाली बोला।

उसी में एक नंबर से फोन आया, “रविंद्र कुमार चौधरी बोल रहा हूं साहब।”

मैं एकदम नहीं पहचान सका। उसने कहा कि कई साल पहले आप हमारे पास अपने किसी दोस्त के पासपोर्ट के लिए आए थे, और आपने मेरे साथ रोटी भी खाई थी।

आपने कहा था कि पैसे की जगह रिश्ते बनाओ।

मुझे एकदम याद आ गया। मैंने कहा हां जी चौधरी साहब कैसे हैं?

उसने खुश होकर कहा, “साहब आप उस दिन चले गए, फिर मैं बहुत सोचता रहा।
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मुझे लगा कि पैसे तो सचमुच बहुत लोग दे जाते हैं, लेकिन साथ खाना खाने वाला कोई नहीं मिलता।
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सब अपने में व्यस्त हैं। मैं

साहब अगले ही दिन पत्नी के मायके गया, बहुत मिन्नतें कर उसे घर लाया। वो मान ही नहीं रही थी।

वो खाना खाने बैठी तो मैंने उसकी प्लेट से एक रोटी उठा ली,

कहा कि साथ खिलाओगी? वो हैरान थी।

रोने लगी। मेरे साथ चली आई। बच्चे भी साथ चले आए।

साहब अब मैं पैसे नहीं कमाता। रिश्ते कमाता हूं। जो आता है उसका काम कर देता हूं।

साहब आज आपको हैप्पी दिवाली बोलने के लिए फोन किया है।

अगल महीने बिटिया की शादी है। आपको आना है।

अपना पता भेज दीजिएगा। मैं और मेरी पत्नी आपके पास आएंगे।

मेरी पत्नी ने मुझसे पूछा था कि ये पासपोर्ट दफ्तर में रिश्ते कमाना कहां से सीखे?

तो मैंने पूरी कहानी बताई थी। आप किसी से नहीं मिले लेकिन मेरे घर में आपने रिश्ता जोड़ लिया है।

सब आपको जानते है बहुत दिनों से फोन करने की सोचता था, लेकिन हिम्मत नहीं होती थी।

आज दिवाली का मौका निकाल कर कर रहा हूं। शादी में आपको आना है।
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बिटिया को आशीर्वाद देने। रिश्ता जोड़ा है आपने। मुझे यकीन है आप आएंगे।

वो बोलता जा रहा था, मैं सुनता जा रहा था। सोचा नहीं था कि सचमुच उसकी ज़िंदगी में भी पैसों पर रिश्ता भारी पड़ेगा।

लेकिन मेरा कहा सच साबित हुआ। आदमी भावनाओं से संचालित होता है। कारणों से नहीं। कारण से तो मशीनें चला करती हैं

पसंद आए तो अपनें अज़ीज़ दोस्तों को जरुर भेजें एंव इनसांनीयत की भावना को आगे बढ़ाएँ

पैसा इन्सान के लिए बनाया गया है, इन्सान पैैसै के लिए नहीं बनाया गया है!!

” जिंदगी में किसी का साथ ही काफी है, कंधे पर रखा हुआ हाथ ही काफी है |
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दूर हो या पास क्या फर्क पड़ता है, क्योंकि अनमोल रिश्तों का तो बस एहसास ही काफी है । ।

अगर आपके दिल को छुआ हो तो इस मैसेज से कुछ सीखने की कोशिश करना ,
शायद आपकी दुनिया भी बदल जाये ।।।

अगर मरने के बाद भी जीना चाहो तो एक काम जरूर करना, पढ़ने लायक कुछ लिख जाना या लिखने लायक कुछ कर जाना |

याद रखना, पैसा तो सबके पास हैं, किसी के पास कम है, तो किसी के पास ज्यादा है,ये सोचो कि रिश्ते किसके ज्यादा है।।

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Pin Drop

Can you hear a pin drop?
What is the meaning of pin drop silence?
Following are some instances when silence could speak louder than voice. 
Take 1:
Robert Whiting, 

an elderly US gentleman of 83, arrived in Paris by plane. 
At French Customs, he took a few minutes to locate his passport in his carry on.
“You have been to France before, Monsieur ?”, the Customs officer asked sarcastically.
Mr. Whiting admitted that he had been to France previously.
“Then you should know enough to have your passport ready.” 
The American said, 

“The last time I was here, 

I didn’t have to show it.”
“Impossible.  

Americans always have to show their passports on arrival in France !”, the Customs officer sneered.
The American senior gave the Frenchman a long, hard look. 
Then he quietly explained 
“Well, when I came ashore at Omaha Beach, 

at 4:40am, on D-Day in 1944, to help liberate your country, I couldn’t find a single Frenchman to show a passport to…. ” 
You could have heard a pin drop

Take 2:
Soon after getting freedom from British rule in 1947, the de-facto prime minister of India, Jawahar Lal Nehru called a meeting of senior Army Officers to select the first General of the Indian army.
Nehru proposed, “I think we should appoint a British officer as a General of The Indian Army, as we don’t have enough experience to lead the same.”

Having learned under the British, only to serve and rarely to lead, all the civilians and men in uniform present nodded their heads in agreement.
However one senior officer, Nathu Singh Rathore, asked for permission to speak.
Nehru was a bit taken aback by the independent streak of the officer, though, he asked him to speak freely.
Rathore said, “You see, sir, we don’t have enough experience to lead a nation too, so shouldn’t we appoint a British person as the first Prime Minister of India?”
You could hear a pin drop.

After a pregnant pause, Nehru asked Rathore,

“Are you ready to be the first General of The Indian Army?”..
Rathore declined the offer saying “Sir, we have a very talented army officer, my senior, Gen. Cariappa, who is the most deserving among us.”
This is how the brilliant Gen. Cariappa became the first General and Rathore the first ever Lt. General of the Indian Army.
(Many thanks to Lt. Gen Niranjan Malik PVSM (Retd) for this article.)

Worth reading?!

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Medical Fitness

PREVENTION IS BETTER THAN CURE
           *BLOOD PRESSURE*

          ———-

120/80 — Normal

130/85 –Normal (Control)

140/90 — High

150/95 — V.High

—————————-
           *PULSE*

          ——–

72 per minute (standard)

60 — 80 p.m. (Normal)

40 — 180 p.m.(abnormal)

—————————-
          *TEMPERATURE*

          —————–

98.4 F (Normal)

99.0 F Above (Fever)

*BLOOD GROUP COMPATIBILITY*
What’s Your Type and how common is it?
*O+* 1 in 3 37.4%

(Most common)
*A+* 1 in 3 35.7%
*B+* 1 in 12 8.5%
*AB+* 1 in 29 3.4%
*O-* 1 in 15 6.6%
*A-* 1 in 16 6.3%
*B-* 1 in 67 1.5%
*AB-* 1 in 167 .6%

(Rarest)

*Compatible Blood Types*
O- can receive *O-*
O+ can receive *O+, O-*
A- can receive *A-, O-*
A+ can receive *A+, A-, O+, O-*
B- can receive *B-, O-*
B+ can receive *B+, B-, O+, O-*
AB- can receive *AB-, B-, A-, O-*
AB+ can receive *AB+, AB-, B+, B-, A+, A-, O+, O-*
This is an important information which can save a life! A life could be saved…

What is ur blood group ?

सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2016

*अजमेर, सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा 2016,परीक्षा कार्यक्रम में बड़ा बदलाव,सभी विषयों के पेपर होंगे ऑनलाइन,जून में आयोजित होगी परीक्षा*

राजस्थान

*आना कभी मेरे देश मै आपको राजस्थान दिखाती हूँ*
आँखों के दरमियान मैं

गुलिस्तां दिखाती हुँ,

आना कभी मेरे देश मैं आपको राजस्थान

दिखाती हूँ।

खेजड़ी के साखो पर लटके फूलो की कीमत

बताती हूँ।

मै साम्भर की झील से देखना कैसे नमक

उठाती हूँ।

मै शेखावाटी के रंगो से

पनपी चित्रकला दिखाती हूँ।

महाराणा प्रताप के शौर्य

की गाथा सुनाती हूँ।

पद्मावती और हाड़ी रानी का जोहर

बताती हूँ।

पग गुँघरु बाँध मीरा का मनोहर

दिखाती हूँ।

सोने सी माटी मे पानी का अरमान

बताती हूँ।

आना कभी मेरे देश मै आपको राजस्थान

दिखाती हूँ।

हिरन की पुतली मे चाँद के दर्शन कराती हूँ।

चंदरबरदाई के

शब्दों की व्याख्या सुनाती हूँ।

मीठी बोली, मीठे पानी मे जोधपुर की सैर

कराती हूँ।

कोटा, बूंदी, बीकानेर और हाड़ोती की मै

मल्हार गाती हूँ।

पुष्कर तीर्थ कर के मै चिश्ती को चाद्दर

चढ़ाती हूँ।

जयपुर के हवामहल में गीत मोहब्बत के गाती हूँ।

जीते सी इस धरती पर स्वर्ग का मैं वरदान

दिखाती हूँ।

आना कभी मेरे देश मै आपको राजस्थान

दिखाती हूँ।

कोठिया दिखाती हूँ, राज

हवेली दिखाती हूँ।

नज़रे ठहर न जाए कही मै आपको कुम्भलगढ़

दिखाती हूँ।

घूंघट में जीती मर्यादा और गंगानगर

का मतलब समझाती हूँ।

तनोट माता के मंदिर से मै विश्व

शांति की बात सुनाती हूँ।

राजिया के दोहो से लेके, जाम्भोजी के

उसूल पढ़ाती हूँ।

होठो पे मुस्कान लिए, मुछो पे ताव देते

राजपूत की परिभाषा बताती हूँ।

सिक्खो की बस्ती मे, पूजा के बाद अज़ान

सुनाती हूँ।

आना कभी मेरे देश मै आपको राजस्थान

दिखाती हूँ।

*जय जय राजस्थान*
*राजस्थान दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं*

Posted in Indian Economy, Social Science

 मुद्रा एवं बैंकिंग से जुड़े अहम तथ्य 

****1. भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक बैंक है

►– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

2. ‘इम्पीरियल बैंक’ पहले का नाम है

►– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ।

3. पूर्ण रूप से पहला भारतीय बैंक है

►– पंजाब नेशनल बैंक ।

4. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का राष्ट्रीयकरण हुआ

►– 1 जनवरी, 1949 ई. में ।

5. भारत का केंद्रीय बैंक है

►– रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI)

6. भारत में राष्ट्रीयकृत बैंकों की कुल संख्या है ?

►– 19

7. एक्सिस बैंक लि. (UTI) का पंजीकृत कार्यालय है

►– अहमदाबाद में ।

8. भारत में औद्योगिक वित्त की शिखर संस्था है

►– भारतीय औद्योगिक विकास बैंक (IDBI)

9. बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA)

विधेयक पारित हुआ

►– दिसंबर, 1999 ई. में ।

10. भारत में कुल मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज हैं

►– 24

11. वह दर, जिस पर वाणिज्यिक बैंक RBI से

अल्पकालीन ऋण प्राप्त करते हैं, कहलाता है

►– रेपो दर ।

12. अल्पकालिक साख एवं दीर्घकालिन साख उपलब्ध

कराने वाला संगठन है

►– क्रमश: मुद्रा बाजार एवं पूंजी बाजार ।

13. भारत में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की सबसे

अधिक शाखाएं हैं

►– उत्तर प्रदेश में ।

14. बैंकों में ग्राहक सेवा सुधारने के लिए सुझाव देने

वाली समिति है

►– गोइपोरिया समिति ।

15. शेयर घोटाला की जांच के लिए गठित समिति

थी

►– जानकीरमन समिति ।

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16. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI)

की स्थापना हुई

►– अप्रैल, 1988 ई. में ।

17. ‘BSE-200’ शेयर मूल्य सूचकांक है

►– मुंबई (भारत) का ।

18. HDFC बैंक तथा IDBI बैंक का मुख्यालय है

►– क्रमश: मुंबई और इंदौर ।

19. ICICI बैंक तथा भारतीय रिजर्व बैंक का

मुख्यालय स्थित है

►– क्रमश: बड़ौदा तथा मुंबई में ।

20. ‘भारतीय पर्यटन वित्त निगम’ की

स्थापना की गई थी

►– 1989 ई. में ।

21. सहकारिता को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने

वाला भारत का राज्य है

►– आंध्र प्रदेश

22. भारत की सबसे बड़ी म्यूचल फंड

संस्था है

►– भारतीय यूनियन ट्रस्ट (UTI)

23. विनिवेश कमीशन (स्थापना-1996 ई.) के प्रथम

अध्यक्ष थे

►– जी वी रामकृष्णन ।

24. भारत में मनीऑर्डर प्रणाली

की शुरुआत की गई

►– 1980 ई. में ।

25. भारतीय रुपयों का अब तक अवमूल्यन हो चुका

है

►– तीन बार (1949, 1966 एवं 1991 ई. में )

26. एक रुपए का नोट तथा सिक्के का निर्गमन करता है

►– वित्त मंत्रालय (भारत सरकार )

27. करेंसी नोटों (5, 10, 20, 50, 100, 500 तथा

1000 रु.) का निर्गमन करता है

►– भारतीय रिजर्व बैंक (RBI)

28. 20 रु., 100 रु., तथा 500 रु. के नोट छपते हैं

►– बैंक नोट प्रेस देवास में ।

29. 10 रु., 50रु., 100 रु., 500 रु., तथा 1000 रु. के नोट

छपते हैं

►– करेंसी नोट प्रेस नासिक में ।

30. भारत में सिक्का उत्पादन होता है

►– टकसाल में ।

31. ‘नास्डैक’ है

►– अमेरिकी शेयर बाजार ।

32. भारत का पहला मोबाइल बैंक (लक्ष्मी

वाहिनी बैंक) स्थित है

– खरगोन (मध्यप्रदेश) में ।

33. भारत में पहला तैरता हुआ ATM कोच्ची में खोला

गया है

– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा ।

34. राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज(NIFTI)

की स्थापना की संस्तुति 1991 ई. में

की थी

►– ‘फेरवानी समिति’ ।

35. शेयर होल्डरों के स्टॉक पर हुई कमाई को कहते हैं

►– लाभांश ।

36. ‘बैंको का बैंक’ कहा जाता है

►– रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को ।

37. मुद्रा स्फीति में सबसे अधिक लाभ होता है

►– लेनदान को ।

38. भारत में शेयर बाजार का मुख्य नियंत्रक है

►– SEBI (सेबी)

39. भारतीय यूनियन ट्रस्ट (UTI) का 30 जुलाई

2007 से नाम बदलकर रखा गया है

►– एक्सिस बैंक लिमिटेड ।

40. भारत सरकार ने सबसे पहले 14 बड़े व्यापारिका बैंकों का

राष्ट्रीयकरण किया

►– 18 जुलाई 1969 ई. ।

41. सरकार ने पुन: 6 बड़े व्यापारिक बैंकों का

राष्ट्रीयकरण किया

►– 15 अप्रैल 1980 ई. को ।

42. ‘न्यू बैंक ऑफ इंडिया’ का पंजाब नेशनल बैंक का विलय हुआ

►– 4 सितंबर 1993 ई. को ।

43. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मुद्रा विनिमय दर निश्चित

की जाती है

►– मुद्रा आपूर्ति और मांग द्वारा ।

44. भारत में सबसे पहले पत्र-मु्द्रा का चलन हुआ था

►– 1806 ई. में ।

45. भारत के सार्वजनिक ऋण प्रचालनों को संचालित करता है

►– RBI

46. अर्थशास्त्र में निवेश का मतलब क्या है

►– शेयरों की खरीदारी ।

47. ऐसा ऋण जो बट्टे पर दिया जाता है और सममूल्य पर

प्रतिदेय हो, कहलाता है

►– शून्य कूपन बॉण्ड ।

48. भारत में अपनी शाखा खोलने वाला पहला

रूसी बैंक है

►– इन्कम बैंक ऑफ रसिया ।

49. न्यूयार्क में स्थित सटॉक एक्सचेंज का नाम है

►– वॉल स्ट्रीट ।

50. विश्व बैंक की आसान ऋण प्रदाता संस्था है

►– इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन ।

51. 10 रु. के नोट पर हस्ताक्षर होता है

►– RBI के गवर्नर का